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#SEO_क्या_है #हिन्दी में – What is SEO in Hindi – Full & Easy Explanation in Hindi - by *#समाजसेवी_वनिता_कासनियां_पंजाब*🌹🌹🙏🙏🌹🌹🇮🇳- Leave a Comment SEO kya hai what is seo in hindi SEO क्या है हिन्दी में (What is SEO in Hindi) SEO क्या है हिन्दी में (What is SEO in Hindi) : SEO का Full Form होता है – Search Engine Optimization. किसी भी Blog या Website की सफलता में SEO (Search Engine Optimization) का बहुत बड़ा हाथ होता है। अगर आप अपने Blog या Website का SEO नहीं करते हैं तो आपके लिए अपने Blog या Website से Earning करना काफी मुश्किल होगा। SEO Meaning and Definition in Hindi SEO (Search Engine Optimization) एक ऐसी प्रक्रिया है जिसके द्वारा हम अपने Blog या Website को Search Engine में Rank कराते हैं। हर Blogger चाहता है कि उसके द्वारा लिखी गयी हर Post Google में पहले नम्बर पर आए। अधिकांश Bloggers को इसमें निराशा ही हाथ लगती है। आपकी कोई Post Google में पहले नम्बर पर आएगी या नहीं, यह आपके द्वारा किए जाने वाले SEO पर निर्भर करता है। अगर आपकी Post का SEO अच्छा होगा तो आपकी Post Google में पहले नम्बर पर जरूर आएगी। अगर आपने अपनी Post के SEO पर ध्यान नहीं दिया होगा तो आपकी Post Google में पहले नम्बर पर कभी नहीं आएगी। एक Blogger Blogging की Field में कितना आगे तक जाएगा, यह इस बात पर निर्भर करता है कि उसकी SEO (Search Engine Optimization) पर पकड़ कितनी मजबूत है। अगर आपको SEO (Search Engine Optimization) की Basics की जानकारी है तो आप अपनी Post का SEO अच्छी तरह से कर पाएँगे। आज हर #Blogger चाहता है कि वह अपने Blog से अधिक से अधिक पैसे कमाए। अधिक से अधिक पैसे कमाने के लिए उसके Blog पर अधिक से अधिक Traffic का आना बहुत जरूरी है। आपके Blog पर अधिक से अधिक Traffic तभी आएगा, जब आपकी Post Google के पहले Page पर होगी। SEO क्यों करते हैं आपकी Post Google के पहले Page पर तभी होगी, जब आपने अपनी Post का SEO अच्छी तरह से किया होगा। इस तरह हम कह सकते हैं कि SEO कहीं न कहीं आपकी Earning को भी प्रभावित करता है। अगर हमें SEO का Knowedge अच्छी तरह से होगा तो इससे हमारी Earning भी ज्यादा होगी। आपने अपनी Post में चाहे जितना अच्छा Content लिखा हो। अगर आप अपनी Post का SEO (Search Engine Optimization)नहीं करते हैं तो वह सारा Content बेकार है। वह लोगों की नजरों में तभी आ पाएगा, लोग उससे फायदा तभी उठा पाएँगे, जब आपने उसका SEO अच्छी तरह से किया होगा। अगर एक Blogger सफल होना चाहता है तो उसे SEO अच्छी तरह से करना ही होगा। एक Blogger अपनी Earning तभी कर पाएगा जब वह SEO अच्छी तरह से करेगा। यही कारण है कि एक Blogger के लिए SEO इतना जरूरी है। बिना SEO के किसी भी Blog या Website का कोई महत्व नहीं रह जाता है। #SEO कैसे करे (SEO kaise kare in Hindi) यह समस्या अक्सर नए Bloggers के सामने आती है। वह नहीं जानते हैं कि अपने Blog का SEO कैसे करे ? नए Bloggers SEO को एक हौवा मान लेते हैं। इसको एक बहुत ही बड़ी चीज मान लेते हैं। इसमें कोई शक नहीं है कि SEO इतना आसान भी नहीं है। लेकिन अगर मैं अपनी बात करूँ तो इसको सीखना इतना मुश्किल भी नहीं है। आज हमने अपनी इसी Post में विस्तार से बताया है कि SEO कैसे करे ? हमारी इस Post को पढ़कर आपकी यह समस्या हमेशा-हमेशा के लिए Solve हो जाएगी कि SEO कैसे करे ? SEO कितने प्रकार का होता है (Types of SEO in Hindi) SEO दो प्रकार का होता है – 1. On #Page SEO 2. Off Page SEO सबसे पहले हम जानेंगे कि On Page SEO क्या होता है ? 1. On Page SEO क्या है (On Page SEO Meaning in Hindi) SEO kya hai what is seo in hindi SEO Kya Hai On Page SEO वह होता है जो हम अपना Blog बनाते समय या Post लिखते समय करते हैं। Off Page SEO की तुलना में On Page SEO ज्यादा Important होता है। On Page SEO इसलिए ज्यादा Important होता है क्योंकि Off Page SEO तभी सही तरीके से काम करेगा, जब आपने अपने On Page SEO पर ध्यान दिया होगा। जब तक आप अपने On Page SEO पर ध्यान नहीं देंगे, तब तक आप Off Page SEO कितना भी अच्छा क्यों न कर लें, उससे कोई फायदा होने वाला नहीं है। इसके अलावा On Page SEO अपने आप में थोड़ा आसान भी होता है। कोई भी इसे थोड़ा Time देकर अच्छी तरह से कर सकता है। On Page SEO हम उसी समय कर सकते हैं, जब हम अपना Blog बना रहे होते हैं या कोई Post लिख रहे होते हैं। On Page SEO Techniques in Hindi अब हम आपको बताएँगे कि आप अपना On Page SEO (On Page SEO Search Engine Optimization) किस तरह से अच्छा कर सकते हैं – 1. Responsive Theme – हम सभी जानते हैं कि आज अधिकतर Users Internet का प्रयोग Computer या Laptop की तुलना में Mobile में ज्यादा करते हैं। कुछ ऐसी Themes होती हैं जो Mobile को Support नहीं करती हैं, जिससे User को उस Website से जानकारी प्राप्त करने में असुविधा होती है। Google ऐसी Websites को कभी Rank नहीं करता है। वहीँ कुछ Themes ऐसी होती हैं जो Mobile में भी आसानी से खुल जाती हैं। ऐसी Themes को Responsive Themes कहते हैं। अपने Blog या Website के लिए हमेशा किसी ऐसी ही Responsive Theme का Use करें। 2. Post Length – मैं कई बार बता चुकी हूँ कि Google के लिए Post Length बहुत मायने रखती है। अगर आप अपने Blog का On Page SEO अच्छा करना चाहते हैं तो हमेशा लम्बी Post ही लिखें। अपनी हर Post को कम से कम 2000+ शब्दों में लिखने की कोशिश करें। इससे आपके Blog या Website का SEO Improve होगा। 3. Post Title – On Page SEO को बेहतर करने में Post के Title का बहुत बड़ा हाथ होता है। आप जिस Keyword पर अपनी Post को Rank करवाना चाह रहे हैं, वह Keyword आपकी Post के Title में भी जरूर होना चाहिए। अगर आप अपनी Post का Title ऐसे ही कुछ भी लिख देंगे तो आपकी Post को Rank होने में मुश्किल होगी। 4. Permalink – #Post के URL को ही हम Permalink कहते हैं। किसी भी Post को Rank कराने में Permalink महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। Permalink को हम अपनी सुविधानुसार कई तरह से Modify कर सकते हैं। सबसे अच्छा Permalink वह होता है जिसमें हम अपने Domain Name के ठीक बाद अपनी Post के Main Keyword का Use करते हैं। अपने Permalink को इसी तरह Set करें। इससे आपका On Page SEO काफी अच्छा होगा। 5. Image Alt Tag – जब भी हम कोई नयी Post लिखते हैं तो उसमें Image का भी Use करना पड़ता है। इसको Google की कमी भी कह सकते हैं कि Google किसी भी Image को देख नहीं सकता है। वह केवल Image को पढ़ सकता है। अगर हम अपनी Post में किसी Image का Use कर रहे हैं तो हमें Google को बताना पड़ेगा कि हमारी यह Image किससे सम्बन्धित है। केवल Image को Use कर देने से कोई फायदा नहीं होगा। इसके लिए हमें Alt Tag का सहारा लेना पड़ता है। जिस Keyword को आप Rank कराना चाहते हैं, वह आपकी Image में भी Alt Tag के रूप में Use होना चाहिए। 6. Website Speed – On Page SEO को अच्छा या ख़राब करने में Website Speed का बहुत बड़ा हाथ होता है। आप हमेशा ऐसी Theme का Use करें, जिसे Open होने में ज्यादा समय न लगे। अगर आपके Blog या आपकी Website को खुलने में ज्यादा समय लग रहा है तो इससे आपका On Page SEO ख़राब होता चला जाएगा। शुरुआत में लगभग सभी की Website Speed सही होती है, लेकिन कुछ दिनों के बाद इसमें समस्या आने लगती है। हम अपने Blog या Website में बड़ी-बड़ी Images, Videos, Plugins और तमाम तरह के Codes भर देते हैं, जिसकी वजह से हमारी Website की Speed काफी कम हो जाती है। 7. Keywords – जिस Keyword को हम Rank कराना चाहते हैं, वह हमारी Post में लगभग 2% होना चाहिए। उसी Keyword को बहुत ज्यादा बार प्रयोग करने की वजाय, उससे मिलते-जुलते अन्य Keywords का भी कम से कम 2 से 3 बार Use करें। अपनी Post में ज्यादा से ज्यादा Keywords का Use करें, लेकिन अनावश्यक रूप से नहीं। जब जरूरत हो तभी Keywords का Use करें। इसके अलावा आपकी Post के पहले Paragraph की शुरुआत आपके Main Keyword से ही होनी चाहिए। 8. Internal Links – अपना On Page SEO अच्छा करने के लिए अपनी Post में Internal Links का भी प्रयोग करें। अपनी Post में कम से कम 5 Internal Links का प्रयोग जरूर करें। यह सभी Internal Links ऐसी Post के होने चाहिए जो आपकी उस Post से मिलती जुलती हों। जब आप अपनी Post के बीच-बीच में अपनी दूसरी Post के Links Share करेंगे तो इससे User आपके Blog या Website पर ज्यादा समय देगा। इससे आपका On Page SEO काफी सुधर जाएगा। 9. Meta Description – किसी Post को Rank कराने में Meta Description का भी काफी Important Role होता है। Meta Description आपकी पूरी पोस्ट का सबसे Important हिस्सा होता है। आपकी Post का Meta Description ही Google के Page पर Show होता है, इसलिए इस पर काफी ध्यान देने की जरूरत है। कोई User आपकी Post पर Click करेगा या नहीं, यह काफी हद तक आपकी Post के Meta Description पर ही Depend करता है। 10. Heading & Sub-Heading – अपनी Post में Heading और Sub-Heading का भी Use करें। आपका Main Keyword आपकी Post की Heading में भी होना चाहिए और कोशिश करें कम से कम 3 Sub-Heading में भी होना चाहिए। इससे आपका On Page SEO काफी अच्छा होगा। 2. Off Page SEO क्या है (Off Page SEO in Hindi) जब भी हम Off Page SEO (Off Page SEO Search Engine Optimization) की बात करते हैं तो सबसे पहले हमारे दिमाग में Backlinks की ही बात आती है। Off Page SEO, Backlink बनाने तक ही सीमित नहीं है। यह अपने आप में काफी बड़ा Topic है। Off Page SEO (Off Page SEO Search Engine Optimization) करने में समय भी थोड़ा ज्यादा लगता है। Off Page SEO Techniques in Hindi आज हम आपको बताएँगे कि आप अपने Blog या Website का Off Page SEO (Off Page SEO Search Engine Optimization) किस तरह से अच्छा कर सकते हैं। 1. Submit Sitemap – Off Page SEO का पहला Step है, अपने Blog या Website के Sitemap को Search Engines में Submit करना। आप अपने Blog या Website के Sitemap को Google, Bing, Yahoo, Yandex जैसे सभी Search Engines में Submit करें। Sitemap को Search Engine में Submit करने से किसी भी Search Engine के लिए आपके Blog या Website के Structure का पता लगाने में आसानी होती है। अपने Blog या Website के Sitemap को Search Engine में Submit करने के फायदे यहीं तक सीमित नहीं हैं। इससे आपके Blog या Website में आने वाले सभी Errors की जानकारी भी प्राप्त होती है। 2. Create Backlinks – अगर आपके Blog या Website के SEO के लिए सबसे ज्यादा Important कोई चीज है, तो वह है – Backlinks. Backlink के बिना हम SEO की कल्पना भी नहीं कर सकते हैं। जितने ज्यादा आपके Blog या Website के Quality Backlinks होंगे, उतनी ज्यादा आपकी Website Google में Rank होगी। अपने Blog या Website के लिए ज्यादा से ज्यादा Quality और Dofollow Backlinks बनाने की कोशिश करें। 3. Facebook – अपनी Post को Social Media पर Share करना Off Page SEO का ही एक Part है। Facebook आज Social Media का दूसरा रूप बन चुका है। Facebook के बिना हम Social Media की कल्पना भी नहीं कर सकते हैं। अगर आप Social Media का सही-सही लाभ लेना चाहते हैं तो आपको अपने Blog या Website के नाम से Facebook पर एक Page Create करना होगा। हो सके तो उस Page का Promotion भी करें। ज्यादा से ज्यादा Facebook Groups में जुड़ने की कोशिश करें और वहाँ अपनी Post को Share करें। इससे आपको अच्छा Traffic मिलेगा। 4. Google Plus – हम लोग Facebook के आगे Google Plus को नजरअंदाज कर देते हैं। Social Media के क्षेत्र में Google Plus का भी अपना एक अलग ही स्थान है। Google Plus, Google का ही एक Product है। ऐसे में इसे कम आँकना हमारी भूल ही होगी। Google Plus में आपको बड़ी-बड़ी Communities मिल जाएँगी, जिनमें आप अपनी Post को Share कर सकते हैं। इससे भी आपको अच्छा Traffic प्राप्त होगा। 5. Directory Submission – अगर आप Free में Quality और Dofollow Backlinks प्राप्त करना चाहते हैं तो Directory Submission आपके लिए सबसे अच्छा विकल्प रहेगा। अपने Blog और Website के Link को अच्छी Directories में जरूर Submit करें। इसका Result थोड़ा देर से प्राप्त होता है लेकिन काफी अच्छा प्राप्त होता है। 6. Guest Post – यह Traffic और Backlink दोनों को एक साथ प्राप्त करने का काफी Popular तरीका है। अच्छे-अच्छे Blog के लिए Guest Post जरूर करें। Off Page SEO को अच्छा करने के लिए Guest Post लिखना काफी अच्छा तरीका है। 7. Blog Commenting – अपने Niche (Topic) से मिलते-जुलते Blog या Website पर Comment जरूर करें। इससे शुरू-शुरू में आपको Traffic मिलने में आसानी होती है। दूसरे Blog पर Comment करके आप Backlink भी प्राप्त कर सकते हैं। हाँलाकि Comment करने से हमें ज्यादातर Nofollow Backlinks ही प्राप्त होते हैं। एक अच्छे SEO के लिए Nofollow Backlinks की भी जरूरत होती है। 8. Participate in Question & Answer – Off Page SEO को और अच्छा करने के लिए आपको Question & Answer वाली Websites पर भी Active रहना होगा। जैसे – Quora. आप यहाँ लोगों के द्वारा पूँछे जाने वाले सवालों के जवाब दे सकते हैं। Answer के नीचे आप अपने Blog या अपनी Website का Link दे सकते हैं। यहाँ से भी आपको Traffic और Backlink दोनों प्राप्त होते हैं। उम्मीद है हमारी इस Post को पढ़कर आपको अपने इन सवालों के जवाब मिल गए होंगे कि SEO क्या है(What is SEO in Hindi), SEO क्या होता है, SEO कैसे करे, On Page SEO क्या है, Off Page SEO क्या है ? अगर आपको हमारी यह Post अच्छी लगी हो तो इसे ज्यादा से ज्यादा Share करें। अगर आपके मन में SEO (Search Engine Optimization) से सम्बन्धित कोई सवाल है तो आप नीचे Comment करके हमसे पूँछ सकते हैं। हम आपको उसका जवाब जरूर देंगे। बाल वनिता महिला आश्रम

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Sem: करिश्माई ढंग से फायदा करता है सेम – By समाजसेवी वनिता कासनियां पंजाबBAL Vnita mahila ashramसेम एक प्रकार का लता होता है, जिसकी फलियों (sem phali) को खाने के लिए प्रयोग किया जाता है। सेम के फली में बहुत सारी पौष्टकताएं होने के कारण आयुर्वेद में सेम को औषधि के रुप में इस्तेमाल की जाती है। सेम के प्रत्येक फली में 4-5 बीज होते हैं, जो अंडाकार होती हैं। सेम का सेवन कई तरह से किया जा सकता है, वैसे ज़्यादातर लोग सेम की सब्जी (sem ki sabji) बनाकर खाते हैं। Sem vegetableसेम की फली को गला और पेट का दर्द, सूजन, बुखार, अल्सर जैसे अनेक बीमारियों के उपचार के लिए प्रयोग में लाया जाता है। चलिये इसके बारे में विस्तार से जानते हैं कि सेम कितने बीमारियों के लिए फायदेमंद है- Contents [ show]सेम क्या है? (What is Sem Phali in Hindi?)शायद आपको पता नहीं कि वर्ण के आधार पर सेम कई प्रकार की होती हैं। इसकी लता लम्बी, जमीन पर फैलने वाली होती है। इसकी फली 3.8-5 सेमी लम्बी, 1.2-1.8 सेमी चौड़ी, हरी अथवा बैंगनी रंग की होने के साथ आगे के भाग की ओर नुकीली होती है। बीज 2-4 की संख्या में सफेद, पीली, बैंगनी अथवा काले रंग के होती है।सेम की फली (sem ki phali) में कॉपर, आयरन,मैग्निशियम, फॉस्फोरस, प्रोटीन, कैल्शियम आदि अनगिनत पौष्टिकताएं होती है। सेम की सब्जी (sem ki sabji) बनाकर खाने से भी कुछ हद तक इसकी पौष्टिकताओं का फायदा मिल सकता है साथ ही बीमारियों से भी राहत मिलने में मदद मिल सकती है। सेम मधुर, थोड़ा कड़वा , गर्म तासीर होने के कारण भारी भी होता है। सेम कफ , वात और पित्त को कम करने के साथ स्पर्म काउन्ट कम करता है लेकिन ब्रेस्ट का साइज बढ़ाने में मदद करता है। इसके अलावा सेम पेट फूलना, एसिडिटी तथा विष का असर कम करने वाला होता है। चलिये सेम के बारे में विस्तार से आगे जानते हैं।अन्य भाषाओं में सेम के नाम (Name of Sem in Different Languages)सेम की फली का वानस्पतिक नाम : Lablabpurpureus (Linn.) Sweet (लैबलैब परपूरियस)Syn-Dolichos lablab Linn है। सेम की फली Fabaceae (फैबेसी) कुल का होता है। सेम का अंग्रेजी नाम Flat Bean (फ्लैट बीन) है। लेकिन सेम को भारत के अन्य प्रांतों में भिन्न-भिन्न नामों से पुकारा जाता है।Sem beans in-Sanskrit-निष्पाव, वल्लक, श्वेतशिम्बिका;Hindi-निष्पाव, भटवासु, बल्लार, सेम;Assamese-उरी (Uri), उरसी (urshi);Kannada–अवरे (Avare);Gujrati-ओलीया (Oliya), वाल (Val);Tamil-मोचै (Motchai);Telugu–अनुमुलु (Anumulu);Bengali-मखानसिम (Makhansim), बोरबोटी (Borboti);Nepali-राजसिमी (Rajsimi);Punjabi-कालालोबिया (Kalalobia), कटजंग (Katjang);Marathi-पाओटे (Paote), वाल (Vaal);Malayalam-अमारा (Amara)।English-इजिप्शियन किडनी बीन (Egyptian kidney bean), पर्पल हयासिंथ (Purple hyacinth), बोनोविस्ट बीन (Bonovista bean), इण्डियन बीन (Indian bean), हयासिंथ बीन (Hyacinth bean);Persian-लोबिया (Lobiya)। सेम के फायदे (Benefits of Sem Beans in Hindi) अभी तक आपने सेम के बारे में बहुत कुछ जाना। लेकिन सेम के फायदों के आधार पर आयुर्वेद में कैसे औषधि के रुप में प्रयोग किया जाता है, आगे इसके बारे में जानते हैं- गले का दर्द दूर करे सेम की फली ( Benefit of Sem Beans in Sore Throat in Hindi)मौसम के बदलाव के साथ गले में दर्द , सर्दी-खांसी जैसी बहुत सारी समस्याएं होने लगती है। गले के दर्द से आराम पाने में सेम की फली (sem ki fali) का ऐसे सेवन करने पर आराम मिलता है। 5-10 मिली सेम के पत्ते के रस का सेवन करने से गले का दर्द कम होता है।और पढ़े – गले के रोग में कम्पिल्लक के फायदे By समाजसेवी वनिता कासनियां पंजाबदस्त से दिलाये राहत सेम की फली (Sem ki Fali to Fight Diarrhoea in Hindi)अगर खान-पान में बदलाव के कारण दस्त हो रहा है तो सेम के बीजों का काढ़ा बनाकर 10-30 मिली मात्रा में सेवन करने से उल्टी, दस्त, मूत्र संबंधी समस्या एवं पेट के दर्द से लाभ मिलता है।पेट दर्द से दिलाये आराम सेम (Benefits of Sem Vegetable for Stomachalgia in Hindi)अक्सर मसालेदार खाना खाने पर पेट में गैस हो जाता है जिसके कारण पेट में दर्द होने लगता है। सेम के पत्तों को पीसकर पेट पर लगाने से पेट का दर्द कम हो जाता है।और पढ़े: पेट दर्द में उस्तूखूदूस के फायदे By समाजसेवी वनिता कासनियां पंजाबपेट फूलने के परेशानी से दिलाये राहत सेम (Sem Beans Beneficial in Flatulance in Hindi)अगर अपच के कारण पेट फूलने की समस्या होती है तो उसमें सेम बहुत काम आता है। सेम के बीजों को आग में भूनकर खाने से आध्मान या पेट फूलने की समस्या में लाभ होता है।Sem ki sabjiअल्सर में फायदेमंद सेम की फली (Sem Vegetable Benefits in Ulcer in Hindi) सेम की फली (sem ki phali) अल्सर का घाव सूखाने में बहुत काम आता है। राजशिम्बी के बीजों को भैंस के दूध में पीसकर शाम के समय अल्सर पर लगाना चाहिए इस तरह लगाने से अल्सर का घाव शीघ्र भर जाता है; क्योंकि शाम के समय गर्मी कम होती है।कंडू या खुजली की परेशानी करे दूर सेम की फली (Benefits of Sem Fali to Get Relief from Scabies in Hindi)कभी-कभी एलर्जी के कारण खुजली की समस्या होती है। सेम के पत्ते के रस को खुजली वाले जगह पर लगाने से परेशानी कम होती है।दाद की समस्या करे दूर सेम की फली (Sem Beans Benefits in Ringworm in Hindi)दाद की समस्या है तो वहां सेम के पत्ते का रस लगायें। इससे दाद या रिंगवर्म जल्दी ठीक होता है।बुखार को करे कम सेम की फली (Sem Vegetable Benefits in Fever in Hindi)सेम बीजों का काढ़ा बनाकर 15-30 मिली काढ़े में 1 ग्राम सोंठ मिलाकर पीने से ज्वर या बुखार के लाभ होता है।सूजन में फायदेमंद सेम की फली (Sem to Treat Inflammation in Hindi)सेम बीजों को पीसकर सूजन वाले स्थान पर लगाने से सूजन से जल्दी आराम मिलता है।कैंसर के इलाज में लाभकारी सेम (Sem Beneficial to Treat Cancer in Hindi)एक रिसर्च के अनुसार सेम में एंटी कैंसर गुण होने के वजह से ये कैंसर के लक्षणों को कम करने में मदद करता है। श्वसन विकार के इलाज में लाभकारी सेम (Benefits of Sem in Breathing Disease in Hindi)एक रिसर्च के अनुसार सेम में ऐसे गुण होते हैं जो कि रेस्पिरेटरी यानी श्वसन प्रक्रिया को स्वस्थ बनाये रखने में मदद करता है। पाचन को स्वस्थ बनाये रखने में मददगार सेम ( Sem Beneficial in Digestive System in Hindi)सेम की फली पाचन संबंधी समस्याओ में भी फायदेमंद होती है विशेषरूप से डायरिया में क्योंकि रिसर्च के अनुसार सेम में एस्ट्रिंजेंट यानि कषाय का गुण होता है जो कि डायरिया जैसी समस्याओं को दूर कर पाचन को स्वस्थ्य बनाये रखने में मदद करती है। हृदय के स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद सेम (Sem Beneficial for Healthy Heart in Hindi)एक रिसर्च के अनुसार सेम में कार्डिओवस्कुलर सिस्टम को स्वस्थ बनाये रख क हृदय संबधी रोग को दूर रखने में सहायक होती है। सेम की फली के उपयोगी भाग (Useful Part of Sem in Hindi)आयुर्वेद में सेम के फली, बीज तथा पत्ते का इस्तेमाल सबसे ज्यादा किया जाता है।sem ki phaliसेम की फली का सेवन कैसे करना चाहिए (How to Consume Sem Beans in Hindi)बीमारी के लिए सेम के सेवन और इस्तेमाल का तरीका पहले ही बताया गया है। इसके अलावा आप सेम की सब्जी (Sem ki sabji) बनाकर इसका सेवन कर सकते हैं। अगर आप किसी ख़ास बीमारी के इलाज के लिए सेम का उपयोग कर रहे हैं तो आयुर्वेदिक चिकित्सक की सलाह ज़रूर लें। चिकित्सक के परामर्श के अनुसार-–15-30 मिली काढ़ा–5-10 मिली रस का प्रयोग कर सकते हैं।सेम की फली कहां पाई और उगाई जाती है (Where Sem Beans is Found or Grown in Hindi)समस्त भारत में इसकी खेती की जाती है तथा इसकी फलियों का प्रयोग साग के रूप में किया जाता है।

Sem: करिश्माई ढंग से फायदा करता है सेम –  By समाजसेवी वनिता कासनियां पंजाब BAL Vnita mahila ashram सेम एक प्रकार का लता होता है, जिसकी फलियों (sem phali) को खाने के लिए प्रयोग किया जाता है। सेम के फली में बहुत सारी पौष्टकताएं होने के कारण आयुर्वेद में सेम को औषधि के रुप में इस्तेमाल की जाती है। सेम के प्रत्येक फली में 4-5 बीज होते हैं, जो अंडाकार होती हैं। सेम का सेवन कई तरह से किया जा सकता है, वैसे ज़्यादातर लोग सेम की सब्जी ( sem ki sabji)  बनाकर खाते हैं।  सेम की फली को गला और पेट का दर्द, सूजन, बुखार, अल्सर जैसे अनेक बीमारियों के उपचार के लिए प्रयोग में लाया जाता है। चलिये इसके बारे में विस्तार से जानते हैं कि सेम कितने बीमारियों के लिए फायदेमंद है-   Contents  [ show] सेम क्या है? (What is Sem Phali in Hindi?) शायद आपको पता नहीं कि वर्ण के आधार पर सेम कई प्रकार की होती हैं। इसकी लता लम्बी, जमीन पर फैलने वाली  होती है। इसकी फली 3.8-5 सेमी लम्बी, 1.2-1.8 सेमी चौड़ी, हरी अथवा बैंगनी रंग की होने के साथ आगे के भाग की ओर नुकीली होती है। बीज 2-4 की...

Punjab News : चन्नी सरकार में खेल किट घोटाला, विजिलेंस जांच की मंजूरी, कई अधिकारी घेरे मेंBy बलुवाना न्यूज शिक्षा मंत्री मीत हेयर की सिफारिश पर सरकारने दी जांच की मंजूरीपूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी की सरका में खेल किट घोटाले की अब विजिलेंस जांच होगी। शिक्षा मंत्री गुरमीत मीत हेयर की सिफारिश पर मुख्यमंत्री भगवंत मान नेविजि. जांच की मंजूरी दी है। प्राथमिक जांच म सामनआया है कि नवंबर 2021 में पंजाब क खिलाड़ियों के खाते में 3000 रुपये ट्रांसफर किए जाने के दौरान नियमितताएं बरती गईं। माना जा रहा है कि यह बड़ा घोटाला है, जिसमें कई अधिकारियों पर गाज गिर सकती है। नवंबर 2021 में 8900 खिलाड़ियों को खेल किट देने की चन्नी सरकार ने मंजूरी दी थी। हर खिलाड़ी को किट के लिए 3 हजार रुपये विभाग द्वारा सीधे खाते में ट्रांसफर किए गए। यह राशि लगभग 2.67 करोड़ रुपये थी। खेल किट के लिए राशि खातों में पहुंचने के दूसरे दिन ही खेल विभाग ने खिलाड़ियों से कुछ फर्मों के नाम पर चेक और ड्राफ्ट वापस करने को _इसके बाद जो खेल किट खिलाड़ियों को दी गईं वह गुणवत्ता के लिहाज से बेहद ही खराब थीं। यह राशि चुनाव आचार संहिता लागू होने से ठीक पहले खिलाड़ियों के खाते में ट्रांसफर की गई। इन्हीं सवालों को लेकर पूर्व सरकार घिरी हुई है।शिक्षा मंत्री ने उठाए सवाल आम आदमी पार्टी सरकार के खेल मंत्री गुरमीत मीत हेयर ने सवाल उठाया है कि खेल किट खरीद के लिए सरकार ने निविदाएं क्यों आमंत्रित नहीं कीं। इससे शक होता है कि खेल किट मामले में लापरवाही बरती गई।वनिता कासनियां पंजाबनहीं दिए गए लिखित आदेशघोटाला उजागर होने के बाद विभाग की प्राथमिक जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि खिलाड़ियों से राशि वापस लेने लिखित आदेश नहीं दिए गए थे। मौखिक आदेश पर ही जिला खेल अधिकारियों के जरिए खिलाड़ियों से उनके खाते में आई रकम के चेक और ड्राफ्ट लिए गए।

Punjab News : चन्नी सरकार में खेल किट घोटाला, विजिलेंस जांच की मंजूरी, कई अधिकारी घेरे में By बलुवाना न्यूज    शिक्षा मंत्री मीत हेयर की सिफारिश पर सरकारने दी जांच की मंजूरी पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी की सरका में  खेल किट घोटाले की अब विजिलेंस जांच होगी। शिक्षा मंत्री गुरमीत मीत हेयर की  सिफारिश पर मुख्यमंत्री भगवंत मान नेविजि.   जांच की मंजूरी दी है। प्राथमिक जांच म सामनआया है कि नवंबर 2021 में पंजाब क खिलाड़ियों के खाते में 3000 रुपये ट्रांसफर किए जाने के दौरान नियमितताएं बरती गईं। माना जा रहा है कि यह बड़ा घोटाला है, जिसमें कई अधिकारियों पर गाज गिर सकती है।  नवंबर 2021 में 8900 खिलाड़ियों को खेल किट देने की चन्नी सरकार ने मंजूरी दी थी। हर खिलाड़ी को किट के लिए 3 हजार रुपये विभाग द्वारा सीधे खाते में ट्रांसफर किए गए। यह राशि लगभग 2.67 करोड़ रुपये थी। खेल किट के लिए राशि खातों में पहुंचने के दूसरे दिन ही खेल विभाग ने खिलाड़ियों से कुछ फर्मों के नाम पर चेक और ड्राफ्ट वापस करने को _ इसके बाद जो खेल किट खिलाड़ियों को दी गईं वह गुणवत्ता के...